Communist League of India ( Marxist-Leninist)

Tuesday, January 4, 2011

लाल सलाम, अंक-4

1) बुर्जुआ जनवादी क्रांति, नवजनवादी क्रांति और समाजवादी क्रांति : एक ऐतिहासिक पुनरावलोकन
2) भरतीय क्रांति में धनी किसान राजनीतिक संश्रयकारी क्यों नहीं है ?
3) भारतीय कृषि : अर्द्ध सामंती या पूंजीवादी (दूसरी किस्त)
4) भाकपा (मा.ले.) (पीपुल्स वार) : एक आलोचना
5) पुस्तक समीक्षा : Globalization or Recolonization
   साम्राज्यवाद की एक निम्न पूंजीवादी आलोचना
6) राजनीतिक टिप्पडि़यां
     (i)  नेपाल का सशक्त जनसंघर्ष जिंदाबाद! 
     (ii) सितम्बर के बाद: साम्राज्यवादी आक्रमण का विरोध् करो!)

CLI-ML at 4:03 AM

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